
Karnataka कर्नाटक: जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) के चेयरमैन पी.पी. चौधरी ने संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के तहत प्रस्तावित ‘एक देश, एक चुनाव’ व्यवस्था पर व्यापक सहमति बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देश के दीर्घकालिक हित को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों को इस पहल का समर्थन करना चाहिए।
केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य चुनावी खर्च कम करना, प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। पी.पी. चौधरी ने कहा कि यह सुधार देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बिल को संसद में पारित कराने के लिए सभी राजनीतिक दलों का सहयोग आवश्यक है, ताकि इस विषय पर व्यापक राष्ट्रीय सहमति बन सके। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और सहमति के आधार पर ही बड़े सुधारों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
पी.पी. चौधरी JPC स्टडी टूर के तहत बेंगलुरु पहुंचे थे, जहां उन्होंने राज्य में विभिन्न स्तरों पर परामर्श प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद के सभापति सहित कई जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनके विचारों को सुना।
इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रमुखों, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, वित्तीय और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, पेशेवर संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों के साथ भी विस्तृत चर्चा की। इन बैठकों में ‘एक देश, एक चुनाव’ के संभावित प्रभावों, चुनौतियों और क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान विभिन्न पक्षों ने अपने सुझाव और चिंताएं भी साझा कीं, जिन्हें JPC द्वारा आगे की रिपोर्ट में शामिल किए जाने की संभावना है। समिति का उद्देश्य सभी हितधारकों की राय लेकर एक संतुलित और व्यावहारिक रूपरेखा तैयार करना है।
कुल मिलाकर, यह दौरा ‘एक देश, एक चुनाव’ पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें विभिन्न संस्थाओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।





